क्या कोरोना एक डर का व्यापार है?
क्या कोरोना एक डर का व्यापार है? पिछले 3 महीनों से हम और आप जब भी कोई खबर देखना यह सुनना चाहते हैं तो एक खबर जो सबसे पहले हमें दिखाइ या सुनाई देती है वह यह होती है कि आज कोरोना के इतने नए मामले सामने आए और इतने लोगों की मृत्यु हो गई। साथ ही यह की टोटल कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर इतनी हो गई और टोटल इतने लोग मारे गए। सवाल यह है कि दूसरी बीमारियों का डाटा इसी तरह रोज क्यों नहीं बताया जाता के आज देश में बुखार के इतने नए मामले सामने आए और बुखार से इतने लोगों की मृत्यु हो गई या देश में ट्यूबरक्लोसिस के इतने नए मामले सामने आए और इतने लोगों की मृत्यु हो गई या देश में हृदय रोग के इतने नए मामले सामने आए और इतने लोगों की मृत्यु हो गई और यह भी कि टोटल हृदय रोगियों की संख्या भरकर अब इतनी हो गई और मरने वालों की संख्या बढ़कर इतनी हो गई? अब आइए बात करते हैं कुछ आंकड़ों की ।दुनिया में हर रोज 151000 लोग मरते हैं। प्रति सेकंड दो लोग मरते हैं यानी जितनी देर में आप यह लेख पढ़ रहे होंगे तो दुनिया में सैकड़ों लोग मर चुके होंगे। सिर्फ भारत में बीमारियों और दूसरी कारणों से ...