मुहम्मद(सलाल्लाह हो अलैहे वसल्लम) की बशारत बाइबिल में:

अल्लाह पाक कुरान में इरशाद फरमाता है

 “वह जो ग़ुलामी करेंगे इस रसूल बे पढ़े गैब की खबर देने वाले की जिसे लिखा हुआ पाएंगे अपने पास तोरेत और इंजील में” (कुरान 7:157)

 इस आयत में अल्लाह ने साफ बता दिया की मुहम्मद (सलाल्लाह हो अलैहे वसल्लम) का तज़किरा दोनों बाइबिल यानि तोरेत और इंजील में मौउजुद है.लेकिन हम जानते हैं की अहले किताब हर दौर में बाइबिल के साथ छेर छार करते आये हैं .इनकी बड़ी कोशिश रही के मुहम्मद(सलाल्लाह हो अलैहे वसल्लम) का तज़किरा बाइबिल से निकाल दिया जाये.तोरेत व इंजील इनके हाथों में थी इस लिए इनके लिए कोई दुश्वारी का काम ना था.लेकिन हजारों तब्दीलियाँ करने के बाद भी मौजूदा ज़माने की बाइबिल में मुहम्मद(सलाल्लाह हो अलैहे वसल्लम) की बशारत का कुछ ना कुछ निशान बाकी रह गया.

 ब्रिटिश एंड फर्न बाइबिल सोसाइटी लाहोर 1931 ईस्वी की छपी बाइबिल के युहाना के इंजील के चैप्टर 14 और आयत 16 में है

 “और मैं बाप से दरख्वास्त करूंगा तो वह तुम्हे दूसरा मददगार बख्शेगा के अबद तक तुम्हारे साथ रहे ”
लफ्ज़ मददगार पर हाशिया है इसमें इसके मानी वकील या शफी लिखा है तो अब हजरत इसा अलैहे सलाम के बाद ऐसा आने वाला जो शफी हो और अबद तक रहे यानि उसका दीन कभी मनसुख ना हो मुहम्मद(सलाल्लाह हो अलैहे वसल्लम) के सिवाये कौन है.

 इसी चैप्टर के आयत 29 और 30 में लिखा है “और अब मैंने तुमसे उसके होने से पहले कह दिया है ताकि जब हो जाये तो तुम यकीन करो इसके बाद मैं तुमसे बहुत सी बातें ना करूंगा कियोंकि दुनिया का सरदार अत है और मुझ में उसका कुछ नहीं”

 कैसी साफ बशारत है और इसा अलैहे सलाम ने अपनी उम्मत को मुहम्मद(सलाल्लाह हो अलैहे वसल्लम) की विलादत का कैसा मुन्तजिर बनाया और शौक़ दिलाया है और दुनिया का सरदार खास मुहम्मद(सलाल्लाह हो अलैहे वसल्लम) का तर्जुमा है और ये फरमाना के मुझमे उसका कुछ नहीं मुहम्मद(सलाल्लाह हो अलैहे वसल्लम) की अज़मत का इज़हार है.

 इसी किताब के चैप्टर 16 के आयत 7 में है “लेकिन मै तुमसे सच कहता हूँ के मेरा जाना तुम्हारे लिए फायेदेमंद है कियोंकि अगर मै ना जाऊ तो वह मददगार तुम्हारे पास ना आयेगा लेकिन अगर जाऊंगा तो उसे तुम्हारे पास भेज दूंगा”

 इस आयत में बताया गया के इसा अलैहे सलाम के जाने के बाद मुहम्मद(सलाल्लाह हो अलैहे वसल्लम) तशरीफ़ लायेंगे.

 इसी चैप्टर के आयत 13 में लिखा है
 “लेकिन जब वह यानि सचाई का रूह आयेगा तो तुमको तमाम सचाई की राह दिखायेगा इस लिए के वह अपनी तरफ से ना कहेगा लेकिन जो कुछ सुनेगा वही कहेगा और तुम्हे आइन्दा की ख़बरें देगा”

 इस आयत में बताया गया की मुहम्मद(सलाल्लाह हो अलैहे वसल्लम) की आमद पर दीन इलाही की तकमील हो जाएगी और सचाई की राह यानि दीन हक को मुकम्मल कर देंगे.इनके बाद कोई नबी ना होगा,अपनी तरफ से कुछ ना कहेगा बल्कि जो सुनेगा वही कहेगा और ये जुला के तुम्हे आइन्दा की ख़बरें देगा इसमें साफ बयां हैके मुहम्मद(सलाल्लाह हो अलैहे वसल्लम) अल्लाह की अता से गैब की खबर बताएँगे जैसा की कुरान में लिखा है.

 अपने तमाम इसाई भाइयों से कहूँगा के आपको जिस राह दिखाने वाला का इंतजार था वह 1450 साल पहले ही तशरीफ़ ले आये हैं अब आपको चाहिए की बिना देर किये हुए इस राह दिखाने वाले पर इमान ले आयें जैसा के जीसस अलैहे सलाम चाहते थे.

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